कश्मीर जिसे धरती का स्वर्ग कहा जाता है…सफेद बर्फ की चादर से ढकी ये धरती वाकई जन्नत से कम नहीं है..लेकिन इस सफेद चादर पर अब लहु का लाल रंग ज्यादा नजर आने लगा है… कश्मीर घाटी में मौजूद हमारे जवान आए दिन देश के लिए, कश्मीर की धरती के लिए अपनी जान गंवा रहे हैं…लेकिन कश्मीर जिसे हम अपने देश का हिस्सा कहते है….वहां के कुछ लोग देश के खिलाफ ही बगावत पर उतर आए हैं…

हमारा हिदुस्तान में सबसे अधिक युवा मौजूद है…कहते है कि युवाओं में देश का भविष्य बदलने की ताकत है…लेकिन घाटी के युवा तो सचमुच धरती के जन्नत को बदलने पर उतारु है…कश्मीर के राह भटके युवा कभी हाथों में पत्थर लिए सड़कों पर उतर आते है तो कभी आजादी के नारे लगाते हुए निकलते है…लेकिन अब भी यह बड़ा सवाल है क्यों ये युवा आजादी के नारे लगा रहे है…हाथों में पत्थर  लिए सड़कों पर उतर रहे हैं…लेकिन सच्चाई ये भी है कि कश्मीर का हर युवा पत्थरबाज नहीं…कश्मीर घाटी से फौज और पुलिस में भर्ती होने के लिए हर साल हजारों कश्मीरी आते हैं…और ये युवा हाथ में पत्थर नहीं बल्कि देश की सेवा के लिए हाथ में बंदूकें उठाना चाहते हैं…

दक्षिण कश्मीर के शोपियां के लेफ्टिनेंट उमर फयाज तो सबको याद ही होंगे…महज 23 साल का युवा जिसे सेना में भर्ती हुए केवल 6 महीने हुए थे…जो अपने गांव शोपियां के बच्चों के लिए रोल मॉडल था…शोपियां के बच्चे लेफ्टिनेंट उमर फयाज जैसा बनना चाहते थे…लेकिन घाटी में मौजूद आतंकियों को ये रास ना आया और अपनी बहन की शादी में पहली छुट्टी लेकर आए उमर फयाज को मौत के घाट उतार दिया गया…जिसने भारतीय सेना की वर्दी को चुना देश के गद्दारों ने उसे गोलियों से छलनी कर दिया…उमर फयाज के लिए राजधानी दिल्ली के इंडिया गेट पर कैंडल मार्च निकाला गया…हजारों की तादाद में आए लोगों ने लेफ्टिनेंट फयाज की शहादत को याद किया…

कश्मीर घाटी के बच्चों को गरीबी और बेरोजगारी की बातो में बहलाकर अलगाववादी उन्हें देश के खिलाफ कर उनकी जिंदगी बर्बाद करने में लगे हुए है…अलगाववादी कश्मीर को नरग बनाने का काम बखूबी कर रहे है…घाटी के बच्चों के हाथों में किताबों की जगह पत्थर है…जिन चेहरों पर खुली मुस्कान होनी चाहिए थे…वो नकाब से ढके है…वाकई कश्मीर अपने सबसे बुरे वक्त से गुजर रहा है…कश्मीर को अब ओर भी उमर फयाज की जरुरत है…जो कश्मीर को अलगाववादियों और आतंक के दलदल से निकाल सकें…जो देश के लिए, स्वर्ग से सुंदर कश्मीर के लिए…आने वाली पीढ़ी के लिए फिर से रोल मॉडल बन सकें…

घाटी के नौजवान कब पत्थरबाजी बंद करेंगे इसका तो शायद ही अभी कोई जवाब हो…लेकिन टूरिजम की नजर से देखें तो कश्मीर जन्नत है…डल झील का शांत वातावरण, घाटी की सफेद बर्फ, बेहद खुबसूरत नजारें…लोगों को अपनी ओर खींचते है….लेकिन कश्मीर के बदतर हालातों के चलते घाटी में टूरिजम लगातार कम होता जा रहा है…लेकिन अगर घाटी फिर से अपनी राह पर लौट आए तो एक बार फिर कश्मीर में पर्यटक लौट आयेंगे…और कश्मीर घाटी अपनी सुंदरता भी वापस पा लेगी….

Srinagar, Kashmir, India

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