यूं तो समाज में हर कोई अपने लिए कमा रहा है और खुद पर खर्च कर रहा है लेकिन ऐसे भी कई लोग है जिन्हें रियल सुपरहीरो कहना गलत नहीं होगा…ये सुपरहीरो अपने लिए नहीं बल्कि इंसानियत के लिए लोगों की प्यास बुझा रहा है…

‘अलग नटराजन’ वाकई सबसे ‘अलग’ है, वो कोई सुपरहीरो तो नहीं है लेकिन सुपरहीरो से कम भी नहीं है…दिल्ली की भीषण गरमी में मटका लेकर लोगों को पानी पिलाने वाले नटराजन को बैटमेन, सुपरमैन नहीं, बल्कि ‘मटका मैन’ कहते है…68 साल के नटराजन भारत में नहीं बल्कि लंदन में रहते थे और बतौर 32 साल तक उन्होंने इंजीनियर के तौर पर काम किया था…लेकिन लोगों की सेवा का जुनून नटराजन को 2005 में भारत खींच लाया…

नटराजन ने कैंसर की बीमारी को भी हराया और इस जानलेवा बीमारी के बाद नटराजन की जिंदगी पूरी तरह बदल गई…उन्होंने उन लोगों की मदद करने का सोचा जो अपना खर्चा नहीं उठा सकते थे…नटराजन ने एक कैंसर हॉस्पिटल में उन लोगों के अंतिम संस्कार का खर्चा उठाया जिनके पास इसके भी पैसे नहीं थे…उसके बाद नटराजन ने IIT, ग्रीन पार्क, पंचशील और चिराग दिल्ली जैसी जगहों पर पानी के मटके रखना शुरु किया…और उसके बाद उन्होंने एक वैन भी बनाई जिसके जरिए वे लोगों की प्यास बुझाया करते हैं…और आज वे दिल्ली के कई जगहों पर धूप में घूमकर लोगों की प्यास बुझा रहे हैं…

दक्षिणी दिल्ली के पंचशील पार्क में रहने वाले नटराजन को अब दिल्ली के मटका मैनका खिताब मिल चुका है और वह लोगों की जिस तरह से मदद कर रहे हैं वह वाकई काबिले तारिफ है…

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From the Origin of time many rise and fall like winter weeds, My identity could not be revealed by anyone, My identity could only be revealed if you know me well. There isn't any great mystery about me. What I do is glamorous and has an awful lot of white-hot attention placed on it. But the actual work requires the same discipline and passion as any job you love doing, be it as a very good pipe fitter or a highly creative artist.