मुस्कुराते हुए बेहेन के साथ
जब में पंहुचा उनके घर।
थोड़ी सी थी घबराहट
थोड़ा सा था डर।
ठंडा ठंडा पानी जब
उनका भाई लेकर आया।
कहा शुक्रिया गिलास उठा कर
पूरा पानी गटकाया।
पूछ रहे थे मुझसे वो सब
ढेर सारे सवाल।
लगते तो हो सीधे सादे
हे तो नही कोई बवाल?
जवाब दे दे कर मुझको
उनका ख्याल आया।
मन में उनकी तस्वीर देख
में हौले से मुस्काया।
चाय की ट्रे हाथ में लेकर
जब वो सामने आई।
बिना कुछ शब्द कहे वो
मेरे मन को भाई।
चाय की प्याली उठा कर
में चुस्की लेने लगा।
श्रृंगार किया था उसने
में उसे निहारने लगा।
नज़र मिली तो दिल मिले
मुस्कान पर विश्वास हुआ।
रंग बिरंगी चूड़ी की खनक से
दिल मधुबन हुआ।
कहा बेहेन से में तो उसकी
हंसी पर दिल दे बैठा।
मेरी तो हाँ है अब तुम
करदो मुह सबका मीठा।
To be continued…

SHARE
Previous articleB.Tech in Love Technology
Next articleFear
From the Origin of time many rise and fall like winter weeds, My identity could not be revealed by anyone, My identity could only be revealed if you know me well. There isn't any great mystery about me. What I do is glamorous and has an awful lot of white-hot attention placed on it. But the actual work requires the same discipline and passion as any job you love doing, be it as a very good pipe fitter or a highly creative artist.

1 COMMENT

Comments are closed.